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Saturday, 28 November 2015

कुछ लोग अभी भी क़ानून को अपने हाथ की कट्पुतली बनाकर खेल रहे. है और कुछ लोग क़ानून को जिंदा रखे है, आँखे खोल देने वाली यह रिपोर्ट ज़रूर पढ़े...........

कुछ लोग अभी भी क़ानून को अपने हाथ की कट्पुतली बनाकर  खेल रहे, है और कुछ लोग क़ानून को जिंदा रखे है , इस प्रकार की घटनाओ से लोगो का न्यायपालिका मे विश्वास घटता है !



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